धर्म

हमें धर्म का क ख ग़ भी नहीं मालूम 
मगर धर्म युद्ध में कूदे हुए हैं
किताबों में लिखे को ही 
धर्म समझ लिया है। 
बाँचना जांचना आता नहीं है
किन्हीं मौजूदा बहुरूपियों के कहने को 
धर्म समझ लिया। 
इतना बौना और बे अक्ल है क्या तेरा धर्म
की कोई भी औना पौना आकर बांच देगा
अक्ल तो नाड़ा बांधने की भी नहीं जिनको
वो बात करते हैं आदम और हौवा की
इतिहास का ई जिनको मालूम न था।
जुबान जिनको आती न थी कोई 
उन्होंने हजारों साल पहले के शिला लेखों पर 
विलायती भाषा में ग्रन्थ लिख दिए

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