युद्ध की परिभाषा

युद्ध हम पर आगे भी होते रहेंगे 
ये युद्ध नहीं हैं 
युद्ध की परिभाषा
तुम ही सोचो क्या ये होती है?
षड्यंत्र होते हैं 
पहले भी हुए हैं 
आगे(भविष्य) भी होंगे
होते रहेंगे 
कुछ जीत का बिगुल बजायेंगे 
तुम भूख शान्ति और पर्यावरण 
की दुहाई के झंडे 
बेशक लहराओगे 
बेख़बर इन (सत्ताधारियों) के षड्यंत्रो से
हार जीत
दोनों ही पक्षों 
की जनता 
को हासिल 
केवल भूख ही (होगी) हुयी।

तरूण कुमार 
मुंबई 
२५\१२\२०२५

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