सोचा था बस!



सोचा था बस !

सोचा था ड्राफ्ट की तरह ही रह जाएगी 
लेकिन ये तो निकल भागी 
ठीक तुम्हारी तरह 
कोई नहीं रुकता 
सब ऐसे ही हैं 
हैं न!
सच ही तो है 
चलो यूँ ही 
इलज़ाम लगाता हूँ 
मेरी तो आदत है 

- तरुण कुमार  

Comments

Popular posts from this blog

मुझे तो बिटिया चाहिए

रूदाद

मज़दूर दिवस